Bihar election 2020 schedule : बिहार विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव आयोग ने तारीखों का ऐलान कर दिया है. तीन चरणों में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में खगड़िया जिला के चार विधानसभा क्षेत्रों के लिए भी मतदान की तिथि का ऐलान हो गया है. बता दें कि यह बिहार के महत्वपूर्ण जिलों में से एक है. खगड़िया कभी अनुमंडल के रूप में मुंगेर जिले का भाग था. वर्ष 1943-44 में खगड़िया को अनुमंडल बनाया गया. और 1981 में तत्काल प्रभाव से इसे जिला के रूप में प्रोन्नत किया गया. गंगा, कोसी तथा गंडक यहाँ की मुख्य नदियाँ हैं. यह जिला सात नदियों गंगा, कमला बालन, कोशी, बूढ़ी गंडक,करहा, काली कोशी और बागमती से घिरा हुआ है. इसके अलावा, यह जिला सहरसा जिले के उत्तर, मुंगेर और बेगुसराय जिले के दक्षिण, भागलपुर और मधेपुरा जिले के पूर्व तथा बेगुसराय और समस्तीपुर जिले के पश्चिम से घिरा हुआ है. इस जगह को फरकिया के नाम से भी जाना जाता है. सड़क मार्ग द्वारा भारत के कई प्रमुख शहरों से खगड़िया आसानी से पहुंचा जा सकता है. राष्ट्रीय राजमार्ग 31 से खगड़िया पहुंच सकते हैं. इस जिले की जनसंख्या(2011 के जनगणना के अनुसार) 16 लाख 66 हजार 886 है.
खगड़िया जिलान्तर्गत 4 विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र है, जिनमें अलौली, खगड़िया, बेलदौर व परबत्ता शामिल है. इन सभी विधानसभा सीटों पर 03 Nov को मतदान होना है.
बिहार राज्य में इस साल अक्टूबर में विधानसभा चुनाव होने हैं क्योंकि नीतीश कुमार की सरकार का कार्यकाल इस साल समाप्त होने जा रहा है। बिहार के चुनाव आयोग ने पहले बिहार की मतदाता सूची को अपडेट करना शुरू कर दिया है, और बिहार की मतदाता सूची को इस साल फरवरी में संपादित किया गया है। बिहार के मुख्य चुनाव अधिकारी ने सीईओ बिहार पोर्टल पर 243 निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची को अद्यतन किया। हालाँकि, बिहार नागरिक पोर्टल पर अपनी मतदाता सूची (मतदाता) सूची जिला और ग्रामवार देख और खोज सकते हैं।
वेबसाइट पर अपनी मतदाता सूची को देखने और खोज करने के लिए, विशेष निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाताओं को आधिकारिक पोर्टल सिहाबोर पर जाकर पोर्टल पर उपलब्ध पीडीएफ वोटर लिस्ट विलेज वाइज डाउनलोड करना शुरू करना होगा।
CEO Bihar Voter List | Bihar Chunav Matdata Suchi 2020
इस लेख में, हम बिहार के मतदाता सूची 2020-21, सूची पर खोज नाम देखने की प्रक्रिया, और पोर्टल पर ग्राम वाइज मतदाता सूची डाउनलोड करने के तरीके के बारे में बताते हैं।
How to View/Search Name on the CEO Bihar Voter List 2020-21 @ ceobihar.nic.in
आइए हम पोर्टल पर सीईओ बिहार सूची में नाम देखने / खोजने की प्रक्रिया देखें। यह अवसर उन नागरिकों के लिए है जिन्होंने मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराया है।
Bihar Election Dates Announced: चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव 2020 की तारीखों का एलान कर दिया है. इसे लेकर चुनाव आयोग ने कहा कि कोरोना काल में बिहार में सबसे बड़ा चुनाव हो रहा है.
बिहार में 28 अक्टूबर से चुनाव की शुरुआत होगी. पहले चरण 28 अक्टूबर, दूसरा चरण 3 नवंबर, तीसरे चरण में 7 नवंबर को मतदान होगा. 10 नवंबर को बिहार चुनाव के नतीजे आएंगे.
बिहार में तीन चरणों में होंगे विधानसभा चुनाव
पहला चरण- 16 जिलों की 71 सीट दूसरा चरण- 17 जिलों की 94 सीट तीसरा चरण- 15 जिलों की 78 सीट
बिहार विधानसभा में कुल 243 सीटें हैं
बिहार विधानसभा में कुल 243 सीटें हैं
243 में से 38 सीटें अनुसूचित जाति के लिए और 2 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए रिजर्व हैं. 2015 में राज्य में 6.68 करोड़ वोटर थे. इनमें 56 फीसदी लोगों ने ही चुनाव में अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था.
ये होंगे नियम
* हर मतदान केंद्र पर सिर्फ एक हजार मतदाता ही वोट देंगे. मतदान केंद्रों पर सैनिटाइजर से लेकर सभी तरह की व्यवस्थाएं रहेंगी.
* मतदान का समय एक घंटा बढ़ाया गया है. अब सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होंगे.
* कोरोना से संक्रमित मरीज मतदान के आखिरी दिन अपने संबंधित मतदान केंद्रों पर स्वास्थ्य अधिकारियों की देखरेख में वोट डाल सकेंगे.
* नामांकन के लिए 2 से ज्यादा गाड़ियों का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे उम्मीदवार
* चुनाव प्रचार में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना जरूरी है.
* नामांकन दाखिल करने के लिए उम्मीदवार के साथ दो लोग जा सकते हैं. उम्मीदवार को मिलाकर 5 लोग घर-घर जाकर कैंपेनिंग कर सकते हैं.
मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा, बिहार विधानसभा चुनाव कोविड-19 के मौजूदा हालात में दुनियाभर में होने वाले सबसे बड़े चुनावों में से एक होंगे. महामारी ने जीवन के सभी पहलुओं में नयी स्थितियां पैदा कर दी हैं, बिहार चुनाव नए सुरक्षा दिशा-निर्देशों के तहत होंगे.
बिहार की नीतीश सरकार ने अपने राज्य के लोगों को सुविधा प्रदान करने के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल – Bhulagan Bihar Portal की शुरूआत की है। इस पोर्टल पर बिहार राज्य के लोग अपनी ज़मीन से संबंधित नक्शा, ज़मीन की रसीद, खसरा-खतौनी नकल,लगान बकाया आदि ऑनलाइन निकाल सकते हैं। इस पोर्टल की सहायता से बिहार की जनता अब ऑनलाइन घर बैठे-बैठे ज़मीन का लगान भर सकते हैं और रसीद निकाल सकते हैं।
Bhulagan Bihar | ऑनलाइन लगान भुगतान और रसीद
पहले बिहार में ज़मीन से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए तहसील कार्यालय और पंचायत कार्यालय में लोगों को बार-बार चक्कर काटने पड़ते थे और कभी-कभी उन्हें ज़मीन की जानकारी लेने के लिए रिश्वत भी देनी पड़ती थी । नीतीश सरकार ने कार्यालय में हो रहे भ्रष्टाचार के समाधान के लिए इस पोर्टल को शुरू किया है। इस पोर्टल की सहायता से बिहार की जनता अब बड़ी ही आसानी से अपनी ज़मीन से संबंधित सभी जानकारी आसानी से प्राप्त कर पाएगी।
आज हम आपको इस पोर्टल के बारे में संपूर्ण जानकारी प्रदान करेंगे!
Bhulagan Bihar Portal की विशेषताएँ:
इस पोर्टल की सहायता से आपको पंचायत कार्यालय या तहसील कार्यालय के कर्मचारियों को अपनी जमीन से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए रिश्वत नहीं देनी पड़ेगी।
इस पोर्टल की सहायता से बिहार सरकार राज्य के कार्यालयों को डिजिटाइज्ड कर रही है। जिसका सीधा फायदा बिहार राज्य के लोगों को हो रहा।
इस पोर्टल की सहायता से बिहार के लोगों को अपने लगान के बकाया को चुकाने के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
बिहार सरकार के द्वारा उठाए गए इन क्रांतिकारी क़दमों की सहायता से बिहार में हो रहे डिजिटाइज़ से रोज़गार की उत्पत्ति होगी।
बिहार ज़मीन लगान रसीद (Jameen Rasid) ऑनलाइन निकालने के लिए आवश्यक दस्तावेज़:
आपके प्लॉट के नंबर.
या
आपके बैंक खाता नंबर.
या
आपकी तालुका में पेज संख्या.
या
रैयत का नाम
(आप इन चारों में से किसी एक ऑप्शन्स की सहायता से ऑनलाइन ज़मीन की रसीद निकाल सकते है)
आपके मोबाइल नंबर.
आपका ऐड्रेस.
ऑनलाइन भुगतान हेतु ATM.
बिहार ज़मीन लगान ऑनलाइन भुगतान व रसीद | Bihar Lagan Rasid Online
इस पोर्टल पर जाने के बाद आपको बहुत सारे ऑप्शन दिखाई देंगे लेकिन आपको पिंक कलर कि बॉक्स में “online Lagan”लिखे हुए लिंक पर क्लिक करना होगा। (सीधे ऑनलाइन लगान पोर्टल पर यहाँ से जाएँ >> bhulagan.bihar.gov.in)
उसके बाद आपके सामने एक अन्य वेब पेज ओपन होगा, जिसमें आपको बकाया लगान चुकाएं, लगान की जानकारी आदि ऑप्शन मिलेंगे लेकिन आपको जमीन की रसीद निकालने के लिए रेड कलर में लिखी हुई “ऑनलाइन भुगतान करें” के ऑप्शन पर क्लिक करना होगा.
इस पर क्लिक करने के बाद आपके सामने एक और वेब पेज ओपन होगा, जिसमें आपको अपनी ज़मीन से संबंधित जानकारी भरनी होगी। इस वेब पेज में आपको अपना जिला का नाम, अपनी पंचायत का नाम(हल्का का नाम), अपने प्लॉट नंबर,मौजा का नाम भरकर सबमिट बटन पर क्लिक करना होगा।
सबमिट करने के बाद आपके प्लॉट जिस व्यक्ति के नाम पर है उसका नाम आ जाएगा। उसके पश्चात नाम पर क्लिक करने से आपके सामने प्लॉट का पूरा विवरण आ जाएगा। इसमें आप चेक करें कि आपका ही है या अन्य प्लॉट का का विवरण है।
आप अपने प्लॉट का विवरण अन्य माध्यम से भी निकाल सकते हैं। जैसे कि आप अपने खाता संख्या या अपने गांव का नाम या पेज संख्या आदि तरीकों से भी प्लॉट का विवरण का देख सकते हैं।
अपने प्लॉट की जानकारी मिलने के बाद आपको बकाया राशि पर क्लिक करना होगा,इस पर क्लिक करने के बाद आपको बता दिया जाएगा कि आप की कितनी राशि बकाया है।
इसके पश्चात आपको ऑनलाइन भुगतान पर क्लिक करना होगा। ऑनलाइन भुगतान पर क्लिक करने के बाद आपके सामने कुछ अन्य जानकारी उपलब्ध होगी। नीचे किस तरफ स्क्रॉल करने पर आपको बॉक्स दिखाई देगा।जिसमें रेमिटर नाम, मोबाइल नंबर और एड्रेस की जानकारी भरनी होगी।जानकारी भरने के बाद “भुगतान करें” पर क्लिक करें।
इसके बाद आपके सामने पेमेंट का ऑप्शन आएगा, उसमें आपको अपना पेमेंट मोड को चुनना होगा। अपने बैंक को चुनने के बाद आपको अपने एटीएम नंबर और मोबाइल पर आए ओटीपी को डालकर भुगतान करना होगा।
भुगतान करने के बाद आपकी स्क्रीन पर पेमेंट सक्सेसफुली लिखा हुआ आ जाएगा। जिसके बाद नीचे लिखे हुए “लगान रसीद” पर क्लिक करके आप अपनी रसीद डाउनलोड कर सकते हैं।उसके पश्चात आप इस रसीद का प्रिंट भी निकाल सकते हैं।
Bihar Jameen Raseed (पेमेंट पर्ची ) ऑनलाइन निकालने के लिए फीस
इस पोर्टल पर आपको लगान रसीद निकालने के लिए पेमेंट करना अनिवार्य है। इस पोर्टल पर आपको मात्र 25 से 30 रूपए ही देने होते हैं।जबकि अन्य कार्यालयों में आपसे रसीद निकालने के लिए 100 से 200 रूपए तक वसूलें जाते हैं। इसमें समय भी अधिक लगता है। आप पोर्टल पर मात्र 5 से 10 मिनट में अपनी ज़मीन की रसीद मात्र 25-30 रूपए में सकते हैं।
सम्बंधित प्रश्नोत्तर
बिहार में ऑनलाइन लगान का भुगतान कब से शुरू हुआ?
यह सुविधा एक अप्रैल 2020 से प्रारम्भ हो चुकी है |
लगान भुगतान और जमीन रसीद के लिए बनाये गए पोर्टल का क्या नाम है?
सम्बंधित पोर्टल का नाम “भू लगान” बिहार है |
ऑनलाइन लगान रसीद या बकाये सम्बंधित अधिक जानकारी कहाँ से ले सकते हैं?
ऑनलाइन लगान रसीद या बकाया लगान के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए आप राजस्व और भूमि सुधार विभाग के हेल्पलाइन नंबर 1800-345-6215 पर कॉल कर सकते हैं।
रेलवे ने बिहार में दो से 15 सितंबर तक स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है. दरअसल रेलवे ने नीट और जेईई के अभ्यर्थियों को परीक्षा वाले दिन मुंबई में विशेष उपनगरीय सेवाओं का लाभ उठाने की अनुमति देने के एक दिन बाद बिहार में इन परीक्षाओं में शामिल होने वालों की सुविधा के लिए दो से 15 सितंबर तक 20 जोड़ी विशेष ट्रेनें चलाने का फैसला किया.
रेल मंत्री पीयूष गोयल ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि यह सुविधा राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) की परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों को भी दी जाएगी. मंत्री ने ट्वीट किया कि भारतीय रेलवे ने बिहार में जेईई मेन्स, नीट और एनडीए की परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए दो से 15 सितंबर तक 20 जोड़ी एमईएमयू/डीईएमयू स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया है. भारतीय रेलवे से जुड़ी हर Latest News in Hindi से अपडेट रहने के लिए बने रहें हमारे साथ.
full list of special train
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) 13 सितंबर को जबकि इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई-मेन एक से छह सितम्बर तक आयोजित करने की योजना बनायी गई है. साझा एनडीए 2020 परीक्षा छह सितम्बर को निर्धारित है. पूर्व मध्य रेलवे ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि संबंधित मार्गों पर स्टेशनों पर अनारक्षित टिकट काउंटर होंगे और टिकट यूटीएस मोबाइल टिकट ऐप पर भी खरीदे जा सकते हैं.
गोयल ने सोमवार को कहा था कि छात्रों और उनके एक एक अभिभावकों को परीक्षा के दिनों में यात्रा करने की अनुमति दी जाएगी और इसके लिए उन्हें प्रवेश पत्र दिखाना पड़ेगा. संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) के लिए लगभग 8.58 लाख और नीट के लिए 15.97 लाख छात्रों ने पंजीकरण किया है. ये परीक्षाएं पहले महामारी के कारण दो बार स्थगित की गई थीं.
और अधिक स्पेशल ट्रेन चलाने की योजना: इधर, रेलवे अधिक मांग वाले क्षेत्रों में यात्रियों का आवागमन सुगम करने के लिए और अधिक स्पेशल ट्रेन चलाने की योजना बना रहा है जिसके लिए राज्य सरकारों से सहमति मांगी जा रही है. रेल मंत्रालय के प्रवक्ता ने हालांकि, यह नहीं बताया कि वर्तमान में चल रहीं 230 स्पेशल ट्रेनों के अतिरिक्त ऐसी कितनी और ट्रेन चलाई जाएंगी. सूत्रों ने बताया कि नयी स्पेशल ट्रेन चलाने संबंधी घोषणा आगामी कुछ दिन में की जाएगी. वर्तमान में कोविड-19 की वजह से सभी नियमित यात्राी सेवाएं निलंबित हैं. रेलवे के प्रवक्ता ने कहा कि और अधिक स्पेशल ट्रेन चलाने की योजना बनाई जा रही है. राज्य सरकारों से विचार-विमर्श किया जा रहा है.
इलेक्ट्रॉनिक्स और इन्फ़ॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि इन ऐप्स को इसलिए बैन किया गया है, क्योंकि वे भारत की संप्रभुता और अखंडता, देश की रक्षा और लोक व्यवस्था के विरूद्ध गतिविधियो में लिप्त थे.
मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया, "इस क़दम से भारत के करोड़ों मोबाइल और इंटरनेट यूज़र्स के हितों की रक्षा होगी. ये फ़ैसला भारत के साइबर स्पेस की सुरक्षा और संप्रभुता को सुनिश्चित करने के इरादे से लिया गया है".
बयान के अनुसार भारत सरकरा को इन ऐप्स के बारे में विभिन्न स्रोतों से शिकायतें मिल रही थीं, जिनमें ऐसी रिपोर्टें भी थीं कि एंड्रॉयड और आइओएस पर उपलब्ध कुछ मोबाइल ऐप्स से यूज़र्स के डेटा अनाधिकृत तौर पर चोरी कर भारत से बाहर स्थित सर्वर में भेजे जा रहे थे.
अब तक 224 ऐप्स को बैन किया जा चुका है
भारत सरकार ने इससे पहले जून में भी चीन से जुड़े 59 ऐप्स को बैन किया था. इनमें टिकटॉक भी शामिल था.
पिछली बार 59 चीनी ऐप्स को बैन करने का फ़ैसला गलवान घाटी में 15 जून को भारत-चीन के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प के कुछ दिनों बाद लिया गया था जिसमें भारत के 20 सैनिकों की मौत हो गई थी. उसके बाद सरकार ने एक बार और 47 ऐप्स को बैन किया था.
इस तरह कुल मिलाकर सरकार अब तक 224 ऐप्स को बैन कर चुकी है.
चीन के 118 ऐप्स को बैन करने का फ़ैसला ऐसे समय लिया गया है जब भारत और चीन के बीच एक बार फिर से लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा या एलएसी पर दोनों देशों के बीच तनाव की ख़बरें आ रही हैं.
भारत ने चीन पर आरोप लगाया है कि गलवान घाटी में हुए संघर्ष के बाद तनाव को दूर करने के लिए जारी प्रयासों के बीच चीन ने एक बार फिर से एलएसी का उल्लंघन करने की कोशिश की है जिसे नाकाम कर दिया गया.
भारत के विदेश मंत्रालय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्ताव ने मंगलवार को कहा कि चीन ने 29 और 30 अगस्त की रात को पैंगोंग लेक के साउथ बैंक क्षेत्र में भड़काऊ सैन्य हरकत करते हुए यथास्थिति को तोड़ने की कोशिश की और इसके अगले दिन भी ऐसी कार्रवाई की जिसे नाकाम कर दिया गया.
हालाँकि, चीन ने इससे इनकार करते हुए मंगलवार को भारत से कहा कि वो उकसाने वाली हरकत बंद करे और अपने उन सैनिकों को तत्काल वापस बुला ले जिन्होंने ग़लत तरह से वास्तविक नियंत्रण रेखा या एलएसी का उल्लंघन किया है.
हाल ही में अमरीका ने भी कई चीनी ऐप्स को बैन कर दिया था. ट्रंप प्रशासन ने अमरीकी कंपनियों को आदेश दिया था कि वो टेनसेंट के वीचैट प्लेटफ़ॉर्म से बिज़नेस करना बंद कर दें.
व्हाइट हाउस के वाणिज्य सलाहकार पीटर नवारो ने कहा है कि अमरीकी प्रशासन चीन की और ऐप्स को बैन करने के बारे में विचार कर रहा है.
दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर एक और नवविवाहिता और उसके पांच माह के मासूम बेटे की हत्या कर दी गई। यही नहीं हत्या के बाद आरोपितों ने दोनों के शवों को ठिकाने लगा दिया। यह आरोप मृतका रागिनी देवी के पिता वीरेंद्र पोद्दार निवासी बेगूसराय छोटी बलिया अक्ख्तियारपुर वार्ड नंबर 13 बेगूसराय ने लगाते हुए पति राकेश पोद्दार, सास मीना देवी, देवर सुनील और ननद ज्योति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। घटना के बाद से ही सभी आरोपित घर छोड़कर फरार हैं।
2019 में हुई थी रागिनी की शादी लड़की के पिता और भाई विवेक ने बताया कि 20 वर्षीया रागिनी की शादी 22 अप्रैल 2019 को कंकड़बाग थाना क्षेत्र स्स्थित एमडी भवन नाला रोड, अशोकनगर रोड नंबर 11 कुटी गली निवासी राकेश कुमार के साथ हुई थी। पांच माह पूर्व बेटी ने एक बेटे को जन्म भी दिया। आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल बेटी से दहेज में बुलेट व दो लाख रुपये नगद लाने की मांग रहे थे। असमर्थता जताने पर उसे प्रताड़ित किया जा रहा था। 15 अगस्त की सुबह लड़के की बहन आरती जो कि रांची में रहती है, फोन कर बताया कि छत से गिरने पर रागिनी और उसके बेटे की मौत हो गई है। इसके बाद ससुराल वालों को फोन कर कहा गया कि जब तक हम लोग पहुंच न जाएं, शव का अंतिम संस्कार न किया जाए। बावजूद इसके आनन-फानन में आरोपितों ने शव को ठिकाने लगा दिया। हमसे समाजसेवी विपिन पाराशर जी के द्वारा बताया जब उन्हें इस खबर की जानकारी वीरेंद्र जी उनके संबंधी के द्वारा मोबाइल से जानकारी दी गयी, वो खुद और संगठन महासचिव के साथ घटना स्थल पे पहुँचे। जहाँ उन्होंने परिवार वालो को आश्वासन दिया कि इस दुख की घड़ी में हमलोग साथ है *घटना स्थल से सीधे हमलोग कंकडबाग थाना पहुंचे. वहाँ FIR किया गया. मौके पर मीडिया को भी बुला कर सारी जानकारी दी गयी. आवेदन के तुरंत ही पुलिस घटना स्थल पहुंचती है. लेकिन पुलिस के पहुंचने के पहले ही लड़का, माँ, बहन और भाई चारों फरार हो गये. पुलिस ने हम सबों को आश्वासन दिया कि मुजरिम जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे.* *इस तरह की दिल दहला देने वाली कुकृत्य समाज के चेहरे पर एक बदनुमा धब्बा है.* *जो भी समाज प्रेमी है, ऐसे घटना का घोर विरोध करें और प्रार्थना करें कि अपराधी जल्द से जल्द पकड़ में आए और पीड़ित परिवार को न्याय मिले । कंकड़बाग थाना प्रभारी अजय कुमार ने बताया कि केस दर्ज कर आरोपितों की तलाश में उनके ठिकानों पर छापेमारी की जा रहीहै। जल्द ही सभी आरोपित पकड़े जाएंगे।
KCC स्कीम के माध्यम से किसानों को सस्ती दरों पर लोन उपलब्ध कराया जाएगा|इस लेख में हम आपको किसान क्रेडिट कार्ड स्कीम से संबंधित तमाम जानकारी देने जा रहे हैं और आपको यह भी बताएंगे कि आप ऑनलाइन आवेदन कैसे कर सकते हैं,पात्रता क्या है,ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया क्या है, इस योजना के प्रमुख बिंदु क्या है?
किसान क्रेडिट कार्ड योजना के प्रमुख बिंदु
कृषि गतिविधियों को करने के लिए किसानों को संस्थागत ऋण या ऋण प्रदान करता है
किसानों को लचीले ऋण पुनर्भुगतान के विकल्प मिलते हैं
किसान 3 साल तक की अवधि के लिए ऋण ले सकते हैं
किसान क्रेडिट कार्ड धारक राष्ट्रीय फल बीमा योजना और PM-KISAN का लाभ भी ले सकते हैं
बीज, उर्वरक आदि खरीदने में किसानों की मदद करता है।
किसानों को कार्ड से नकदी निकालने की अनुमति देता है
कीटों के हमले और प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसलों के नुकसान से सुरक्षा प्रदान करता है
Kisan Credit Card- KCC Loan Yojana Kya Hai?
किसान क्रेडिट कार्ड योजना एक सरकारी योजना है जिसके माध्यम से किसान बैंकों से सस्ती दरों पर कर्ज के रूप में पैसा ले सकते हैं |
आपकी जानकारी के लिए बता दें किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड स्कीम की घोषणा 1998 में की गई थी |
किसान क्रेडिट कार्ड योजना किसानों के लिए किस प्रकार लाभकारी है?
जैसे कि आपको पहले बताया इस योजना के माध्यम से बैंक सस्ती दरों पर किसानों को कर्ज देते हैं क्योंकि अब किसानों को बैंकों के द्वारा इस योजना के अंतर्गत कर्ज मिल पाएगा तो किसानों की निर्भरता साहूकारों और अन्य गैर सरकारी माध्यमों पर से खत्म हो जाएगी |
किसान क्रेडिट कार्ड योजना के लिए पात्रता
खेती और कृषि गतिविधियों में शामिल व्यक्ति केसीसी के लिए आवेदन कर सकते हैं। अन्य लोगों की भूमि पर खेती करने वाले किसान भी कार्ड के लिए आवेदन करने के लिए पात्र हैं।
कौन-कौन से बैंक/संस्थान किसान क्रेडिट कार्ड योजना के लिए आवेदन स्वीकार कर रहे हैं?
यह रही सभी बैंकों/संस्थानों की सूची :
नाबार्ड (NABARD)
एक्सिस बैंक (Axis Bank)
एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank)
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI)
पंजाब नेशनल बैंक (PNB)
इंडियन ओवरसीज बैंक (Indian Overseas Bank)
बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India)
आईडीबीआई (IDBI)
अन्य ग्रामीण बैंक .इत्यादि
यह होंगे पात्र :
छोटे और सीमांत किसान
बटाईदार/शेयर क्रॉपर्स
मछुआरों
पशुपालन में शामिल लोग
पट्टेदार और काश्तकार किसान
स्वयं सहायता समूह (SHG)
संयुक्त देयता समूह (JLGs)
पात्रता की कुछ महत्वपूर्ण शर्तें
आवेदक की उम्र 18 से 75 वर्ष होनी चाहिए
60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए, सह-आवेदक का होना अनिवार्य है।
इस लेख में आपको क्रेडिट कार्ड के ऑनलाइन आवेदन की संपूर्ण जानकारी विस्तार से दी जाएगी | इससे पहले हम आपको सभी जरूरी जानकारी भी बता देना चाहते हैं ,इसीलिए आइए समझते हैं कि आवेदन करते समय आपसे क्या-क्या दस्तावेज है क्या-क्या जानकारी मांगी जाएगी :
फोटो युक्त आईडी प्रूफ : आईडी प्रूफ के लिए और आधार कार्ड,पैन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, नरेगा जॉब कार्ड या UIDAI द्वारा जारी लेटर मान्य प्रूफ है
आपके एड्रेस का प्रूफ : माननीय आपके पति का प्रूफ देने के लिए आधार कार्ड वोटर आईडी ड्राइविंग लाइसेंस प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन दस्तावेज पानी या बिजली का बिल राशन कार्ड नरेगा जॉब कार्ड अकाउंट स्टेटमेंट मान्य दस्तावेज होंगे |
आइए अब आपको समझाएं कि कैसे आप अपने बैंक से किसान क्रेडिट कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं | इसके लिए आपको Online Application/Registration Form भरना होगा और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी करनी होगी :
सबसे पहले अपने बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर जाइए
वेबसाइट पर आपको सर्च ऑप्शन का इस्तेमाल करना है | वेबसाइट में सर्च बॉक्स में टाइप करें “Kisan Credit Card”
अब सर्च रिजल्ट में आपको किसान क्रेडिट कार्ड पेज का लिंक दिखेगा उस पर क्लिक करके संबंधित पेज पर जाएं
इस पेज पर दिए गए ऑनलाइन आवेदन फॉर्म पर क्लिक करें और मांगी गई सारी जानकारी सही से भर के और फॉर्म जमा कर दें
नोट : सभी बैंक ऑनलाइन आवेदन स्वीकार नहीं कर रहे हैं, केवल कुछ बैंक ही अभी ऑनलाइन आवेदन ले रहे हैं | इसीलिए अगर आपको बैंक की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन या रजिस्ट्रेशन का लिंक नहीं मिल पा रहा है तो आप से आग्रह है कि ऑफलाइन एप्लीकेशन फॉर्म डाउनलोड करें उसका प्रिंट निकालकर, सही से भरने के बाद बैंक में जाकर जमा करें
किसान क्रेडिट कार्ड लोन योजना के अंतर्गत कितना ऋण/कर्ज मिल पाएगा| Interest Rate
इस स्कीम के अंतर्गत सरकार किसानों को 3 लाख तक का कर्ज मुहैया करा रही है लेकिन एक बात का ध्यान रखें एक लाख से ऊपर का कर्ज लेने के लिए अपनी जमीन या फसल गिरवी रखनी होगी |
KCC किसान क्रेडिट कार्ड योजना /इंटरेस्ट रेट ब्याज दर
बहुत से किसान भाई जानना चाह रहे हैं किसान क्रेडिट कार्ड योजना के अंतर्गत लिए जाने वाले कर्ज में ब्याज दर क्या रहेगी | आइए जाने :
जैसे आपको बताया इस स्कीम के अंतर्गत किसानों को 3 लाख तक का कर्ज मिल पाएगा | अगर ब्याज दर की बात करें तो यह केवल 7% रहेगी लेकिन एक बात और बता दे अगर किसान देय तिथि तक कर्ज राशि का भुगतान कर देता है तो उसे ब्याज दर में 3% की अतिरिक्त छूट मिलेगी यानी समय पर कर्ज देने वाले वापस देने वाले किसानों को केवल 4% आज दर से ही पैसा चुकाना होगा |
किसान क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कैसे और कहां करें
अगर आपको इस योजना का लाभ मिलता है तो आपको क्रेडिट कार्ड,जिसे किसान क्रेडिट कार्ड भी कहते हैं वह दिया जाएगा| केसीसी कार्ड के माध्यम से आप कृषि संबंधित खरीदारी के लिए (बीज,उर्वरक,फर्टिलाइजर इत्यादि) भुगतान कर पाएंगे | जिन किसानों ने 25000 से ज्यादा का ऋण लिया है उन्हें चेक बुक के साथ KCC Card दिया जाता है