बुधवार, 15 अप्रैल 2020

PM Modi के साथ आया Bollywood, 'रामायण' की सीता ने कहा 'लक्ष्मण रेखा ना पार करें'


नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने मंगलवार की सुबह देश को संबोधित किया. संबोधित करते हुए नागरिकों को सूचित किया कि कोविड-19 (Covid 19) महामारी से लड़ने के एक प्रयास के रूप में जारी लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ाने का फैसला लिया गया है. इस पर पुरे देश से प्रतिक्रिया आ रही है. बॉलीवुड ने उनके इस फैसले का स्वागत किया और सोशल मीडिया के जरिए लोगों से अपील की कि वे सरकार के इस निर्णय के साथ सहयोग करें.
दिग्गज अभिनेत्री व राजनेता हेमा मालिनी (Hema Malini) ने लिखा, "हमने देशव्यापी लॉकडाउन के तीन सप्ताह को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है और वायरस को भी काफी हद तक नियंत्रित कर पाए हैं.आइए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशानुसार अगले तीन हफ्तों के लॉकडाउन का भी सख्ती से पालन करें. अपनी भलाई व सुरक्षा के लिए नियमों को न तोड़ें."

अभिनेत्री निम्रत कौर (Nimrat Kaur) ने ट्वीट करते हुए कहा, "आने वाले 19 दिन का पालन अगर धैर्य और अनुशासन के साथ किया जाए, तभी ये 21 दिन वैध और कारगर हो सकते हैं. व्यक्तिगत तौर पर हर एक इंसान का निर्णय महत्वपूर्ण है."

अभिनेता राजीव खंडेलवाल (Rajeev Khandelwal) ने भी ट्विटर का सहारा लेते हुए कहा, "आइए देश के प्रधानमंत्री ने जो कहा है उसका सम्मान करें. यह पूरे देश के हित में है. घर में रहें, सुरक्षित रहें."


अभिनेत्री व राजनेता किरण खेर (Kirron Kher) ने भी ट्वीट कर कहा, "यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोविड-19 के खिलाफ देश की लड़ाई जारी है और हमें इसमें जीत हासिल होगी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ाने का फैसला लिया है. आप जहां हैं, वहीं रहें, सुरक्षित रहें."

दीपिका चिखलिया (Dipika Chikhlia ) ने लोगों को घर में रहने का मैसेज देते हुए लक्ष्मण रेखा का जिक्र किया है. दीपिका ने कहा, 'हम लोग अभी भी बेवजह बाहर निकलते हैं. हमें ये तुरंत बंद कर देना चाहिए. हमें परिवार और देश की सुरक्षा के बारे में सोचना चाहिए. अगर हम बाहर निकलना बंद करेंगे तो कोरोना वायरस जल्द पकड़ में भी आ जाएगा.'

कोरोना वायरस की बात करे तो, देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) से संक्रमित होकर जान गंवाने वाले लोगों की संख्या मंगलवार को 353 हो गई है जबकि इससे संक्रमित लोगों की कुल संख्या 10,815 है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि सोमवार शाम से अब तक मरने वालों की संख्या में 29 का इजाफा हुआ है, जबकि संक्रमित मरीजों की संख्या 1463 की बढ़ोतरी के साथ 10815 पर पहुंच गई है. अब तक 1189 मरीजों को इलाज के बाद स्वस्थ होने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी है और 9272 लोगों का अब भी इलाज जारी है.

गुरुवार, 2 अप्रैल 2020

गाजियाबाद के क्वारैंटाइन सेंटर में बिना कपड़ों के घूम रहे तब्लीगी जमात के लोग; नर्सों को भद्दे इशारे किए, सिगरेट मांगी


दिल्ली
गाजियाबाद सीएमओ ने गुरुवार शाम जिले के डीएम से क्वारैंटाइन सेंटर में रह रहे तब्लीगी जमात के लोगों की शिकायत की है। सीएमओ ने कहा है कि एमएमजी हॉस्पिटल में बनाए गए क्वारैंटाइन सेंटर में तब्लीगी जमात के लोग बिना कपड़ों के घूम रहे हैं और नर्सों की ओर देखकर भद्दे इशारे कर रहे हैं। इस मामले में डीएम ने जांच के आदेश दिए हैं। शिकायत मिलने के बाद पुलिस भी एमजीएम हॉस्पिटल पहुंच गई है। इससे पहले निजामुद्दीन स्थित मरकज की इमारत से बुधवार सुबह तक 2000 से ज्यादा जमातियों को बाहर निकाला गया। इसके बाद सुबह परिसर को सैनिटाइज किया गया।

तब्लीगी जमात के 167 लोगों को बसों के जरिए मंगलवार रात 9 बजकर 40 मिनट पर तुगलकाबाद क्वारैंटाइन सेंटर ले जाया गया था। इन्हें दो जगहों पर रखा गया है। दिल्ली सरकार के एक अधिकारी ने बताया था कि ये लोग क्वारैंटाइन सेंटर में जगह-जगह थूक रहे हैं। इन लोगों ने डॉक्टरों और देखरेख में जुटे स्टाफ को गालियां दीं और उन पर थूका। ये लोग पूरी इमारत में घूम रहे हैं। एक व्यक्ति ने तो खुदकुशी की भी कोशिश की। यहां से निकले लोगों की तलाश में 22 से ज्यादा राज्यों में अभियान छेड़ा गया है। इनमें से कई लोगों को ट्रेस कर लिया गया है।

हैरान करने वाली बात यह है कि मरकज से गए गए लोगों में से अब तक 180 कोरोना पॉजिटिव मिल चुके हैं। इनमें तमिलनाडु में 77, आंध्र प्रदेश 43, दिल्ली में 24, तेलंगाना में 21, अंडमान-निकोबार में 9, असम में 5 और कश्मीर में एक कोरोना संक्रमित शामिल है।

तब्लीगी जमात के लोगों के कारण संक्रमण में बढ़ोतरी हुई- सचिव

इससे पहले स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव लव अग्रवाल ने बुधवार को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि तब्लीगी जमात के लोगों के देशभर के अलग-अलग हस्सिों में जाने की वजह से संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। पिछले 24 घंटे मतें 386 मामले सामने आए हैं। इस बीच केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि तब्लीगी जमात ने तालिबानी अपराध किया है। इसे प्रकार की आपराधिक गतिविधियों के लिए माफ नहीं किया जा सकता। जमात ने कई लोगों की जान खतरे में डाली है। ऐसे संगठनों और लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। हो सकता है कि ऐसा जानबूझकर किया गया हो और यह दुर्भाग्यपूर्ण है।


बुधवार, 1 अप्रैल 2020

कोरोना से देश में अब तक 63 मौतें / स्वर्ण मंदिर के पूर्व हजूरी रागी ज्ञानी निर्मल सिंह का निधन; पिछले 36 घंटों में संक्रमण से 14 लोगों की जान गई

पद्मश्री ज्ञानी निर्मल सिंह का बुधवार को कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया था।पद्मश्री ज्ञानी निर्मल सिंह का बुधवार को कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया था।

  • अमृतसर के स्वर्ण मंदिर के पूर्व हजूरी रागी ज्ञानी निर्मल सिंह का गुरुवार तड़के करीब 4:30 बजे निधन हो गया
  • बुधवार को मध्यप्रदेश में एक, उत्तरप्रदेश में 2, महाराष्ट्र में 4, तेलंगाना में 3 और पश्चिम बंगाल में 3 मौत हुईं
  • Apr 02, 2020, 09:09 AM IST

नई दिल्ली. कोरोनावायरस की वजह से देश में मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। अमृतसर के स्वर्ण मंदिर के पूर्व हजूरी रागी और पद्मश्री ज्ञानी निर्मल सिंह का गुरुवार तड़के करीब 4:30 बजे संक्रमण की वजह से निधन हो गया है। इनकी उम्र 62 साल थी। यह जानकारी पंजाब आपदा प्रबंधन कोविड-19 के विशेष प्रमुख सचिव बीएस सिद्धू ने दी। सिंह की कोरोना जांच रिपोर्ट बुधवार को पॉजिटिव आई थी। उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। इससे पहले बुधवार को एक दिन में 13 लोगों की मौत हुई थी। इनमें मध्यप्रदेश में एक, उत्तरप्रदेश में दो, महाराष्ट्र में चार, तेलंगाना में तीन और पश्चिम बंगाल में तीन मौतें शामिल हैं। इस तरह देश में संक्रमण से अब तक 63 लोगों की जान जा चुकी है।
बुधवार को 13 लोगों की जान गई  
  • मध्यप्रदेश, एक मौत:  इंदौर में बुधवार को 65 साल के व्यक्ति ने दम तोड़ दिया। राज्य में संक्रमण से यह छठवीं मौत है। इंदौर में तीन और उज्जैन में दो और खरगोन में एक व्यक्ति की जान जा चुकी है।
  • उत्तर प्रदेश, दो मौतें: उत्तर प्रदेश के मेरठ में कोरोना संक्रमित 72 साल के व्यक्ति ने दम तोड़ दिया। इससे पहले देर रात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती बस्ती के 25 साल के हसनैन की मौत हो गई थी। सांस में तकलीफ के चलते परिवार वालों ने उसे रविवार को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया था। बुधवार सुबह केजीएमयू से आई रिपोर्ट में युवक के कोरोना पीड़ित होने की पुष्टि हुई। उसे लीवर और किडनी की भी बीमारी थी।
  • महाराष्ट्र, चार मौतें: स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि बुधवार को राज्य में चार लोगों की मौत कोरोनावायरस की वजह से हुई। इस तरह महाराष्ट्र में मौतों की संख्या 16 हो गई है। 
  • तेलंगाना, तीन मौतें: राज्य सरकार ने बताया कि बुधवार को राज्य में संक्रमण के 30 नए मामले सामने आए। वहीं, तीन लोगों की मौत हुई। इस तरह राज्य मरने वालों की संख्या 9 हो गई है। इससे पहले, 6 लोगों की जान गई थी। ये सभी दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित मरकजी मस्जिद के धार्मिक कार्यक्रम में हिस्सा लेकर लौटे थे। सभी कोरोना पॉजिटिव थे।  
  • पश्चिम बंगाल, तीन मौतें: स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, राज्य में कोरोना से पीड़ित तीन मरीजों ने दम तोड़ दिया। इस तरह राज्य में मरने वालों का आंकड़ा 7 हो गया है। हावड़ा के गोलाबाड़ी इलाके में 57 साल के व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं, नॉर्थ 24 परगना में एक इसी उम्र के मरीज की मौत हुई। उसे डायबिटीज थी। वहीं, शाम को कोलकाता में 66 साल के एक और व्यक्ति की मौत हुई। इसका कोरोना टेस्ट पिछले हफ्ते पॉजिटिव आया था।

दिल्लीः तब्लीगी जमातियों ने क्वारंटीन केंद्र में डॉक्टरों और स्टाफ पर थूका, एक ने की जान देने की कोशिश

आत्महत्या का प्रयास...
आत्महत्या का प्रयास... - फोटो : अमर उजाला
दक्षिण पूर्वी दिल्ली में क्वारंटीन किए गए 160 से अधिक जमातियों द्वारा स्वास्थ्य कर्मियों से अभद्र व्यवहार व डॉक्टरों पर थूकने का मामला सामने आया है। इन जमातियों को रेलवे की ओर से मुहैया करवाए गए स्थान पर क्वारंटीन किया गया है। इसकी पुष्टि उत्तर रेलवे के प्रवक्ता ने की है। 
निजामुद्दीन स्थित मरकज से मंगलवार शाम को निकाल कर 167 जमातियों को तुगलकाबाद स्थित क्वारंटीन सेंटर में रखा गया है। इन्हें यहां रखने पर तुगलकाबाद रेलवे कॉलोनी निवासी अपने परिवारों की सलामती तथा संक्रमण फैलने को लेकर अपनी आशंका जाहिर कर चुके हैं। रेलवे के प्रवक्ता दीपक कुमार ने कहा कि जमाती स्वास्थ्य कर्मियों से दुर्व्यवहार कर रहे हैं और वह यहां-वहां घूमते रहते हैं। एक व्यक्ति ने तो खुदकुशी की भी कोशिश की।

मरकज में हुए कार्यक्रम में शामिल हुए लोगों में से अनेक को कोरोना वायरस के संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है और कुछ की मौत हो चुकी है। रेलवे प्रवक्ता ने बताया कि क्वारंटीन केंद्रों में उन्होंने (निजामुद्दीन मरकज से निकालकर लाए गए लोगों ने) स्टाफ के साथ दुर्व्यवहार किया और खुद को दिए जा रहे भोजन को लेकर आपत्ति जताई...यहां तक कि उन्होंने उन्हें देख रहे डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों पर थूक तक दिया। इन लोगों ने क्वारंटीन केंद्रों में इधर-उधर घूमना बंद करने से भी मना कर दिया।

प्रवक्ता ने बताया कि हमने जिलाधिकारी दक्षिण-पूर्वी दिल्ली को सूचना दी और जमातियों को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक सुरक्षा करने या इन्हें किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर भेजने का आग्रह किया। शाम साढ़े पांच बजे दिल्ली पुलिस के चार और सीआरपीएफ के छह जवानों और एक पीसीआर वैन को क्वारंटीन केंद्रों पर तैनात किया गया। जिला अधिकारियों ने इन लोगों में से 97 को डीजल शेड ट्रेनिंग स्कूल हॉस्टल क्वारंटीन और 70 को आरपीएफ बैरक क्वारंटीन केंद्र में रखा गया है।

रेलवे कॉलोनी के लोगों ने आरोप लगाया कि मरकज से वहां लोगों को लाए जाने के 24 घंटे बाद भी कॉलोनी को संक्रमण मुक्त नहीं किया गया है। वायरस के प्रसार के डर से निवासी घरों के अंदर रहे और आवश्यक चीजें लेने भी बाहर नहीं जा पाए।

कॉलोनी के एक निवासी ने कहा कि बस के पास खड़े बहुत से लोगों ने खांसा, छींक मारी और यहां तक कि सड़क पर थूका भी। हम कैसे सुरक्षित महसूस कर सकते हैं? सूत्रों ने बताया कि रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मुद्दे पर पहले ही जिले के अधिकारियों से बात कर चुके हैं।

रामनवमी विशेष: दैहिक दैविक भौतिक तापा, राम राज नहिं काहुहि ब्यापा

राम से ज्यादा राम के नाम का प्रभाव दिखता है
राम से ज्यादा राम के नाम का प्रभाव दिखता है - फोटो : Social Media
सामान्य बोलचाल की भाषा में रामराज की बात कह दी जाती है। यानी भारत में रामराज को आदर्श माना जाता है। भारतीय मजदूर संघ के संस्थापक दत्तोपंत ठेंगरी, रामराज को क्लासलेस सोसाइटी की तरह का शासन मानते थे। दूसरी ओर राम से ज्यादा राम के नाम का प्रभाव दिखता है। तुलसी दास जी कहते हैं कि कलयुग केवल नाम अधारा। मसलन राम शब्द का अर्थ होता है स्वयं के अंदर का प्रकाश। भगवान श्रीराम को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है।
राम से पहले राम के नाम का प्रभाव व्यापक हो चुका था और जमदग्नि ने अपने प्रतापी पुत्र का नाम भी राम ही रखा था, जो बाद में चलकर परशुराम के नाम से विख्यात हुए। चूंंकि वे अपने साथ परशु रखते थे इसलिए उनका नाम परशुराम पड़ गया।

राम के चरित्र पर दुनिया भर में कई किताबें लिखी गई हैं। राम के चरित्र पर लिखी गई सबसे पुरानी किताब वाल्मिकी रामायण को ही माना जाता है। हालांकि इस मामले में विद्वानों के बीच मतैक्य नहीं है, लेकिन ज्यादातर लोग इसी रामायण को आद्य रामायण मानते हैं। एक अध्यात्म रामायण भी है, जिसके बारे में कहा जाता है कि इसे खुद भगवान शिव ने पार्वती को सुनाने के लिए रचा था।

सामान्य राजा के रूप में भी भगवान राम के चरित्र को देखें तो...

राम के राज्य में प्रजा बेहद सुखी थी
राम के राज्य में प्रजा बेहद सुखी थी - फोटो : self
इंडोनेशिया, मलेशिया, कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, कंबोडिया श्रीलंका, नेपाल, थाइलैंंड आदि देशों में भगवान श्रीराम और माता जनक नंदनी सीता का विशेष प्रभाव है। यहां के लोग किसी न किसी रूप में अपने आप को भगवान श्री राम के निकट पाते हैं।

भारतीय काल गणना के अनुसार भगवान श्री राम का जन्म 7560 ईसा पूर्व अर्थात् 9500 वर्ष पूर्व हुआ था। भारत में बड़े-बड़े आक्रांता आए लेकिन भगवान श्री राम को इस देश से खत्म नहीं कर पाए। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि भगवान श्री राम इस देश की जनता के मन में विराजमान हैं।

यदि एक सामान्य राजा के रूप में भी भगवान राम के चरित्र को देखें तो अनुकरणीय है। राम राज्य के बारे में महात्मा गांधी ने भी कई जगह विस्तार से चर्चा की है। सुराज और राम राज की वे बात करते थे। तुलसी दास जी ने अपने रामायण में लिखा है, ‘‘दैहिक, दैविक, भौतिक तापा, रामराज काहु नहीं व्यापा।’’

इसका अर्थ यह हुआ कि राम के राज्य में देह से संबंधित रोग, दैवीय प्रकोप और भौतिक आपदा किसी प्रकार का प्रभाव नहीं था। राजा रामचन्द्र ने सभी प्रकार के प्रकोपों पर विजय प्राप्त कर लिया था। इसका अर्थ यह है कि राम के राज्य में प्रजा बेहद सुखी थी।

कर्म के विभाजन की बात होती है तो शासन को संतुलन पर ध्यान रखना पड़ता है...

राम के राज्य में एक व्यक्ति एक काम के सिद्धांत को सख्ती से पालन किया जाता था
राम के राज्य में एक व्यक्ति एक काम के सिद्धांत को सख्ती से पालन किया जाता था
चारो ओर समृद्धि का माहौल था, लेकिन राम के बारे में कहा जाता है कि जब एक साधारण धोबी ने यह कहा कि मैं कोई राम हूं जो दूसरे के यहां रहने के बाद भी अपना लूंगा। यह कहने पर भगवान ने अपनी धर्म पत्नी को सीता का त्याग कर दिया। 

इस मामले में कई महिलावादी राम को पुरुषोत्तम तो मानती हैं, लेकिन मर्यादा पुरुषोत्तम मानने से इनकार करती हैं। हर किसी की अपनी-अपनी व्याख्या होती है, लेकिन दुनिया में प्रजा के प्रति इतना संवेदनशील राजा का उदाहरण और कहीं नहीं मिलता है।

कुछ आलोचक राम की आलोचना इस बात को लेकर करते हैं कि उन्होंने एक शूद्र विद्वान शंबुक की हत्या कर दी क्योंकि वह ब्राह्मण नहीं था। इस पर भी कई विद्वान अपने-अपने तरीके से तर्क देते हैं, लेकिन जब कर्म के विभाजन की बात होती है तो शासन को संतुलन पर ध्यान रखना पड़ता है।

आज कर्म का विभाजन नहीं है। राम के राज्य में एक व्यक्ति एक काम के सिद्धांत को सख्ती से पालन किया जाता था। यदि ऐसा नहीं किया जाता तो काम को लेकर अराजकता की स्थिति पैदा हो जाती, जैसे उससे पूर्व में हुआ था।

राम का व्याप आज भी कई देशों में देखने को मिलता है...

राजा रामचन्द्र के राज में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं थी
राजा रामचन्द्र के राज में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं थी - फोटो : self
राज्य के अराजकता की कहानी वैदिक कथाओं में कई जगह आती है। जैसे महाराजा पृथु की कथा। महाराजा पृथु राजा वेन के पुत्र थे। भूमण्डल पर सर्वप्रथम सर्वांगीण रूप से राजशासन स्थापित करने के कारण उन्हें पृथ्वी का प्रथम राजा भी माना जाता है।

साधुशीलवान अंग के दुष्ट पुत्र वेन को तंग आकर ऋषियों ने हुंकार-ध्वनि से राजा वेन को मार डाला था। तब अराजकता के निवारण हेतु नि:संतान मरे वेन की भुजाओं का मन्थन किया गया जिससे स्त्री-पुरुष का एक जोड़ा प्रकट हुआ। पुरुष का नाम 'पृथु' रखा गया तथा स्त्री का नाम 'अर्चि'। वे दोनों पति-पत्नी हुए। उन्हें भगवान विष्णु तथा लक्ष्मी का अंशावतार भी माना जाता है।

महाराज पृथु ने ही पृथ्वी को समतल किया जिससे वह उपज के योग्य बनाया। महाराज पृथु से पहले इस पृथ्वी पर पुर-ग्रामादि का विभाजन नहीं था। लोग अपनी सुविधा के अनुसार बेखटके जहां-तहां बस जाते थे। महाराज पृथु अत्यन्त लोकहितकारी राजा साबित हुए। ऐसा कहा जाता है कि उन्होंने 99 अश्वमेध यज्ञ किए थे।

इसका अर्थ यह है कि उन दिनों अराजकता के कारण वेन को मार दिया गया था। वशिष्ट और विश्वामित्र के बीच की लड़ाई के पीछे का कारण भी कर्म विभाजन ही था। हालांकि शंबूक  को दिए गए राज दंड पर सकारात्मक और नकारात्मक विचार रखने वाले अपने-अपने तर्क देते हैं, लेकिन इस बात को भी नहीं भूलना चाहिए कि राज राज्य इतना समृद्ध और समुन्नत इसलिए भी था कि उस समय कर्म विभाजन का सख्ती से पालन किया जाता था।

राम के दंड का भागी तो उनकी पत्नी, प्राणों से भी प्रिय, सीता को भी बनना पड़ा था, इसलिए राम राज्य के बारे में कहा जाता है कि राजा रामचन्द्र के राज में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं थी। हर ओर आनंद था और शांति थी। यही कारण है कि राम का  प्रताप आज भी कई देशों में देखने को मिलता है। 


डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए Poddar News उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमे comment पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।

लॉकडाउन के बीच WhatsApp, TikTok को पीछे छोड़ ये ऐप बना लोगों की पसंद, सबसे ज़्यादा बार हुआ डाउनलोड

Zoom ऐप एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ऐप है, जिसमें एक टाइम पर 50 लोग जोड़े जा सकते है. अब तक इस ऐप को 500 मिलियन लोगों ने डाउनलोड कर लिया है और अभी भी ये नंबर बढ़ रहा है.

  • LAST UPDATED: APRIL 1, 2020, 3:41 PM IST









    पूरे देश में लॉकडाउन (lockdown) के बीच लोग सोशल मीडिया (social media) पर खूब एक्टिव हैं. एक-दूसरे से जुड़े रहने के लिए अलग-अलग ऑप्शन खोज रहे हैं. इसी में ज़ूम (Zoom App) नाम का ऐप लोगों को इतना पसंद आ गया कि ये इंडिया में सबसे ज़्यादा बार डाउनलोड होने वाला ऐप बन गया है. जी हां, इस मामले में Zoom ऐप ने दिग्गज वॉट्सऐप (WhatsApp) और युवाओं के बीच पॉपुलर टिकटॉक (TikTok) और इंस्टाग्राम (Instagram) को भी पीछे छोड़ दिया है.

    क्या है Zoom App?
    सिलिकॉन वैली बेस्ड एक स्टार्टअप का बनाया ये ऐप एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ऐप है, जिसमें एक टाइम पर 50 लोग जोड़े जा सकते है. जानकारी के लिए बता दें कि सिर्फ ज़ूम ही ऐसा ऐप है, जिसमें वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान एक साथ 10 से ज़्यादा लोग ऐड किए जा सकते हैं.
    यही वजह है कि घर से काम कर रहे बिज़नेस प्रोफेशनल के बीच ये ऐप रातों-रात बेहद पॉपुलर हो गया. अब तक इस ऐप को 500 मिलियन लोगों ने डाउनलोड कर लिया है और अभी भी ये नंबर बढ़ रहा है.

    फोटो: Zoom App
    फोटो: Zoom App


    लॉकडाउन के बीच वॉट्सऐप फिसल कर पांचवें नंबर पर आ गया है. ज़ूम एक ऐसी टेक्नोलॉजी कंपनी ने बनाया है जिसे शायद कोरोना वायरस महामारी में सबसे ज़्यादा फायदा हुआ है. दरअसल घर से काम कर रहे लोगों को Zoom ऐप के ज़रिए काफी सहूलियत मिली, जिसमें सबसे ज़्यादा आसानी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान हुई.

    हाल ही में Zoom ऐप पर एक बड़ा आरोप लगा था. मदरबोर्ड की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि जूम ऐप का iOS वर्जन यूजर्स के डेटा को फेसबुक के साथ शेयर कर रहा है. हालांकि इस खबर के आने के बाद कंपनी के फाउंडर Eric Yuan ने अपने ब्लॉग में लिखा कि उस फीचर को रिव्यू किया जा रहा है, जिसकी वजह से ज़ूम यूज़र्स का डेटा फेसबुक को मिल रहा था.

    सिर्फ इतनी कीमत में लॉन्च हुए Xiaomi के दो धांसू फोन, मिलेंगे 108 मेगापिक्सल के 4 कैमरे

    शियोमी (Xiaomi) ने ग्लोबली अपने तीन धांसू स्मार्टफोन्स  Mi 10, Mi 10 Pro और Mi 10 लाइट लॉन्च कर दिए हैं. कोरोना वायरस (Coronavirus) के चलते इन तीनों फोन को ऑनलाइन स्ट्रीमिंग के ज़रिए ही लॉन्च किया गया है. इन फोन की सबसे खास इसके दमदार कैमरे हैं...आईए जानते हैं इनमें से दो फोन Mi 10 और Mi 10 Pro के फीचर्स और कीमत के बारे में...

    शियोमी के Mi 10 और Mi 10 Pro स्मार्टफोन के फीचर्स में ज़्यादा फर्क नहीं है. फोन की बैटरी, कैमरे और स्टोरेज को छोड़ फोन के बाकी स्पेसिफिकेशंस एक जैसे ही हैं.

    Mi 10 और Mi 10 Pro के  फीचर्स
    शियोमी के नए Mi 10 और Mi 10 Pro में स्मार्टफोन में 6.67 इंच का AMOLED डिस्प्ले दिया गया है, जो कि फुल HD+ कर्व्ड डिस्प्ले के साथ आता है. फोन में 90Hz का रिफ्रेश रेट डिस्प्ले है, साथ ही इसमें पंच होल फ्रंट कैमरा दिया गया है, जो कि टॉप लेफ्ट कॉर्नर में मौजूद है. शियोमी के ये दोनों स्मार्टफोन क्वॉलकॉम स्नैपड्रैगन 865 प्रोसेसर पर काम करते हैं. ये दोनों कंपनी के MIUI 11 के साथ Android 10 ऑपरेटिंग सिस्टम पर रन करते हैं. इन फोन की एक और खास बता दें कि ये दोनों ही स्मार्टफोन 5G सपॉर्ट के साथ आते हैं.

    अब बात करें स्टोरेज की तो Mi 10 स्मार्टफोन 128 जीबी और 256 जीबी स्टोरेज वेरिएंट में पेश किया गया है. जबकि Mi 10 Pro स्मार्टफोन सिर्फ 256 जीबी वेरिएंट  के साथ आता है.


    सबसे खास इनके कैमरे
    कैमरे की बात करें तो इन दोनों स्मार्टफोन के रियर में क्वॉड कैमरा सेटअप दिया गया है. Mi 10 के बैक में मेन कैमरा 108 मेगापिक्सल का है. इसके अलावा, फोन के बैक में 13 मेगापिक्सल का अल्ट्रा-वाइड ऐंगल लेंस, 2 मेगापिक्सल का डेप्थ सेंसर और 2 मेगापिक्सल का मैक्रो लेंस दिया गया है. इस फोन के फ्रंट में 20 मेगापिक्सल का कैमरा है.

    दूसरी तरफ Mi 10 Pro की बात करें तो इसके रियर प्राइमेरी कैमरा 108 मेगापिक्सल का है. इसके अलावा, फोन के पीछे 12 मेगापिक्सल का 2X टेलीफोटो लेंस, 8 मेगापिक्सल का 5X टेलीफोटो लेंस और 20 मेगापिक्सल का अल्ट्रा-वाइड एंगल लेंस दिया गया है. सेल्फी के लिए इस फोन के फ्रंट में भी 20 मेगापिक्सल का कैमरा दिया गया है.

    पावर के लिए Mi 10 4,780 mAh की बैटरी दी गई है, जो कि 30W की फास्ट चार्जिंग के साथ आती है. वहीं, Mi 10 Pro स्मार्टफोन में 50W फास्ट चार्जिंग के साथ 4,500 mAh की बैटरी दी गई है.
    इतनी है Mi 10 और Mi 10 Pro की कीमत
    शियोमी Mi 10 स्मार्टफोन की शुरुआती कीमत 799 यूरो (करीब 66,350 रुपये) है, जो कि इसके 8GB रैम और 128GB स्टोरेज वाले वेरिएंट की है. वहीं, Mi 10 Pro स्मार्टफोन के 8 जीबी रैम और 256 जीबी स्टोरेज वाले वेरिएंट की कीमत 999 यूरो (करीब 82,900 रुपये) है.

    फ्रेंच ओपन के स्थगित होने के कारण क्या रद्द हो जाएगा विंबलडन, बैठक में होगा बड़ा फैसला!

    नई दिल्ली. एंडी मर्रे (Andy Murray) के भाई और दो बार के चैम्पियन पुरुष युगल खिलाड़ी जैमी मर्रे ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामले को देखते हुए विंबलडन के आयोजकों के पास सिर्फ इसे रद्द करने के अलावा दूसरा विकल्प शायद नहीं है. सात जून तक टेनिस के सभी टूर्नामेंटों को रद्द या स्थगित कर दिया गया है . इससे यूरोपीय क्ले कोर्ट का पूरा सत्र रद्द हो गया. घसियाले कोर्ट पर खेले जाने वाले एकमात्र ग्रैंडस्लैम (Wimbledon)) के भी बुधवार को अहम बैठक में रद्द होने की संभावना है.

    विंबलडन के आयोजकों ने इस बात से इन्कार कर दिया कि वे  बिना दर्शकों के दो सप्ताह के (29 जून से 12 जुलाई) टूर्नामेंट का आयोजन करेंगे.  फ्रेंच ओपन (French Open) पहले ही स्थगित कर दिया गया है जिसका आयोजन सितंबर के आखिर में होने की संभावना है ,ऐसे में विंबलडन को किसी दूसरी तारीखों पर कराना मुश्किल होगा.

    स्कॉटलैंड के 34 साल के इस खिलाड़ी ने बीबीसी से कहा, ‘मुझे उनके लिए बुरा लग रहा है, टूर्नामेंट को पीछे खिसकाना मुश्किल होगा क्योंकि इससे आप दूसरे टूर्नामेंटों को परेशानी में डालेंगे जो तय समय पर हो सकता है.’ मर्रे 2015 में पुरुष युगल के फाइनल में पहुंचे थे जबकि वह दो बार मिश्रित युगल खिताब जीत चुके है. उन्होंने कहा, इस महामारी से बचने के लिए मैं घर में हू और सभी जरूरी एहतियात अपना रहा हूं. इसके साथ ही मैं फिट रहने की कोशिश कर रहा हूं.’

    अपने देशों की मदद के लिए आगे आए टेनिस दिग्गज


    इस खिलाड़ी ने स्पेन के दक्षिण में स्थित शहर मारबेला से वीडियो कान्फ्रेन्स के जरिये यह जानकारी दी जहां राष्ट्रव्यापी बंद के आदेश के कारण वह अभी अपने परिवार के साथ रह रहे हैं. जोकोविच ने कहा, ‘हम यह धनराशि जीवन रक्षक यंत्रों और अन्य स्वच्छता उपकरणों की खरीद के लिये दे रहे हैं.’ सर्बिया में अब तक 450 लोग कोविड-19 से संक्रमित पाये गये हैं जबकि सात लोगों की मौत हुई है.

    इससे पहले 20 बार के ग्रैंडस्लैम विजेता रोजर फेडरर ने स्विट्जरलैंड में कोरोना वायरस की रोकथाम में मदद के लिये दस लाख स्विस फ्रैंक (लगभग सात करोड़ 81 लाख रुपये) की धनराशि दी थी. दिग्गज टेनिस खिलाड़ी रोजर फेडरर ने कोरोना वायरस संकट से जूझ रहे अपने देश स्विट्जरलैंड के लोगों की मदद के लिये बुधवार को दस लाख डालर से अधिक की धनराशि दान की.
    बीस बार के ग्रैंडस्लैम चैंपियन और उनकी पत्नी ने इस संकट से निबटने के लिये दस लाख स्विस फ्रैंक (लगभग दस लाख 20 हजार डालर) की धनराशि दी है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूटीओ) के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार विश्व में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या के लिहाज से स्विट्जरलैंड नौवें नंबर पर है. स्विस स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार उनके देश में 8800 लोग कोविड-19 से संक्रमित हैं जबकि सोमवार तक 86 लोगों की मौत हो चुकी थी.

    अंतर्ध्वनि: राजनीति की समझ के बिना यथार्थ की पहचान नहीं हो सकती

    सांकेतिक तस्वीर
    सांकेतिक तस्वीर
    मालवा के परिवेश में बिताए बचपन के दिन भुलाए नहीं भूलते। मीलों दूर तक विस्तृत लाल पठार हैं और उसके साथ ही काली मिट्टी के सांवले खेत आरंभ हो जाते हैं। इमली, सेमल, नीम, खजूरों के झुरमुट, पलाश, खिरनी, जामुन, आम, महुवे, चिरौंची और ताड़ के वृक्षों से छाया हुआ यह प्रदेश है, जहां के ढूहों, टौरियों, टीलों के घुमावदार कटावों के बीच से चट्टानी नदियां बहती हैं।
    मालवे का सौंदर्य व संगीत मुझे बचपन से ही भिगोता रहा। मेरे बिम्ब ऊपरी सजावट या अलंकरण नहीं हैं...बल्कि मेरी अपनी वास्तविकता से उपजे हैं। वह मेरी अनुभव की दुनिया का यथार्थ है। मैं उस प्रदेश का हूं, जहां कालिदास जैसे कवि हुए हैं, जिन्होंने 'मेघदूत' लिखा, 'विक्रमोर्वशीय' और 'अभिज्ञान शाकुंतल' लिखा, तो ऐतिहासिक काव्य 'रघुवंश' भी।

    लिहाजा जैसे कालिदास को केवल प्रेम व शृंगार का कवि नहीं कहा जा सकता, उसी तरह मेरे प्रयोगों में, गीतों-कविताओं में मालवी कमनीयता होते हुए भी मुझे केवल शृंगारिक कवि कहकर नहीं समझा जा सकता। मैंने जीवन की आसक्ति और जीवन का उजास पूरा मुक्त जिया है। मार्क्सवाद के अध्ययन से मेरी आंखें खुल गईं। मुझे स्पष्ट हुआ कि राजनीति की समझ के बिना यथार्थ की पहचान नहीं हो सकती।

    सत्ता का स्वरूप, राजनीति, समाज का आर्थिक आधार, ठोस यथार्थ, वर्ग चेतना, इतिहास की द्वंद्वात्मकता, दमन और शोषण से मानवीय समता और स्वाधीनता का नया रास्ता नजर आने लगा। वस्तुत: मार्क्सवाद को मैंने अपने देश की जन परंपरा और सांस्कृतिक उत्स की मिट्टी में रोपकर आत्मसात कर लिया और एक नई जीवन दृष्टि मुझे प्राप्त हुई। मुक्ति के यही मूल्य मेरी कविता को झंकृत और उद्दीप्त करते रहे हैं।

    Chaitra Navratri : अष्टमी- नवमी पर मां महागौरी और सिद्धिदात्री को ऐसे लगाएं भोग, जानें कौन-सा चढ़ावा है शुभ


    Chaitra Navratri : अष्टमी- नवमी पर मां महागौरी और सिद्धिदात्री को ऐसे लगाएं भोग, जानें कौन-सा चढ़ावा है शुभ

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    कोरोना लॉकडाउन के बीच चैत्र नवरात्रि अष्टमी और नवमी पूजन करने के तरीके को आपको बदलना होगा। आप पूजन करके दान कर सकते हैं। वहीं, आप अपनी मान्यतानुसार अष्टमी करें या नवमी, आप दोनों ही दिन महागौरी और मां सिद्धिदात्री की पसंद का भोग लगाकर अपने घर में प्रसाद के रूप में इसे वितरित कर सकते हैं। 
    कब है अष्टमी और नवमी 
    चैत्र नवरात्रि के आठवें दिन अष्ट,मी और नौवें दिन नवमी मनाई जाती है। इस बार अष्टीमी 1 अप्रैल को है, जबकि नवमी 2 अप्रैल को मनाई जाएगी। इसी दिन राम नवमी का त्यो‍हार भी है।

    महागौरी 
    महागौरी के सभी आभूषण और वस्त्रव सफेद रंग के हैं इसलिए उन्हेंन श्वेरताम्बोरधरा भी कहा जाता है। नवरात्र के आठवें दिन महागौरी की पूजा की जाती है और मां को नारियल का भोग लगाया जाता है। इस दिन नारियल दान में देने का विधान है। मान्यकता है कि मां को नारियल का भोग लगाने से नि:संतानों की मनोकामना पूरी होती है।

    मां सिद्धिदात्री 
    पौराणिक मान्यताओंं अनुसार भगवान शिव ने सिद्धिदात्री की कृपा से ही अनेकों सिद्धियां प्राप्त की थीं। मां की कृपा से ही शिवजी का आधा शरीर देवी का हुआ था। इसी कारण शिव 'अर्द्धनारीश्वर' नाम से प्रसिद्ध हुए। मां सिद्धिदात्री का मनपसंद भोग नारियल, खीर, नैवेद्य और पंचामृत हैं। 
     

    Chaitra Navratri 2020: अष्टमी व्रत आज, लॉकडाउन के बीच यूं करें कन्या पूजन

    मां दुर्गाजी की आठवीं शक्ति का नाम महागौरी है। नवरात्र के आठवें दिन इनकी पूजा का विधान है। इनका वर्ण पूर्णत: गौर है। इस गौरता की उपमा शंख, चन्द्र और कुन्द के फूल से की गई है। इनके समस्त वस्त्र एवं आभूषण आदि श्वेत हैं। अपने पार्वती रूप में इन्होंने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। जिसके कारण शरीर एकदम काला पड़ गया था। 
    तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान् शिव ने इनके शरीर को गंगाजी के पवित्र जल से धोया तब वह विद्युत प्रभा के समान अत्यंत कांतिमान-गौर हो उठा। तभी से इनका नाम महागौरी पड़ा। इनकी उपासना से भक्तों के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। भविष्य में पाप-संताप, दैन्य-दु:ख उसके पास कभी नहीं आते। देवी महागौरी की पूजा करने से कुंडली का कमजोर शुक्र मजबूत होता है। मां महागौरी का ध्यान सार्वधिक कल्याणकारी है। शादी-विवाह में आई रुकावटों को दूर करने के लिए महागौरी का पूजन किया जाता है। महागौरी पूजन से दांपत्य जीवन सुखद बना रहता है। पारिवारिक कलह क्लेश भी खत्म हो जाता है।
    आज रात्रि 09:50 तक अष्टमी
    पं. शक्तिधर त्रिपाठी और ज्योतिषाचार्य आनंद दुबे ने बताया कि सूर्योदय के पूर्व से ही अष्टमी लग जाएगी और रात्रि के 09:50 तक रहेगी। 
    अष्टमी पर लॉकडाउन के बीच कैसे करें कन्या पूजन
    सुबह-सवेरे स्‍नान कर भगवान गणेश और महागौरी की पूजा करें। शास्त्रों में अष्टमी को ज्योत आरती करने के बाद 2 वर्ष से लेकर 8-9 वर्ष तक की 9 कन्याओं के पूजन व भोज का विधान है। सुबह महागौरी की पूजा के बाद घर में नौ कन्याओं और एक बालक को घर पर आमंत्रित किया जाता है। सभी कन्याओं और बालक की पूजा करने के बाद उन्हें हलवा, पूरी और चने का भोग दिया जाता है। इसके अलावा उन्हें भेंट और उपहार देकर विदा किया जाता है। 
    लेकिन इस बार कोरोना वायरस और लॉकडाउन के चलते यह हो नहीं सकेगा। कन्याओं का सामूहिक पूजन और भोज नहीं कराया जा सकेगा। ऐसे में आप अपनी बेटी या घर में मौजूद भतीजी की पूजा कर सकते हैं। 
    कन्याओं का प्रसाद बनाकर जरूरतमंदों के लिए भिजवा देना चाहिए। कन्याओं को दक्षिणा स्वरूप दी जाने वाली राशि गरीबों और कामगारों की मदद करने के लिए राहत कोष में जमा कराए जाने से उतना ही पुण्य मिलेगा जितना कन्या को देने से मिलता। 
     
    कन्याभोज का विकल्प है मदद करना: 
    पं. शक्तिधर पं. शक्तिधर त्रिपाठी ने बताया कि इस वर्ष कन्या भोज का विकल्प ही श्रेयस्कर होगा। श्रद्धालु 11 कन्याओं के भोज की धनराशि मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री के कोष में जमा करा सकते हैं। गरीब, बेसहरा, मजदूरों को भोजन कराना भी धार्मिक उद्देश्य को पूरा कर सकता है।
    नवमी का व्रत
    नवमी का व्रत एवं हवन गुरुवार 02 अप्रैल को है। सूर्योदय के पूर्व से ही नवमी तिथि शुरू होगी। जो रात 08:47 तक रहेगी। ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल के अनुसार इस दिन नवमी का व्रत रहा जाएगा। दिन में कभी भी हवन कर सकते हैं। गुरुवार को नवमी तिथि कोमध्याह्न बेला में श्रीराम चन्द्र जी का जन्मोत्सव मनाया जाएगा।

    दिल्ली में लॉकडाउन फेल / निजामुद्दीन की मरकज बिल्डिंग को आज सैनिटाइज किया गया, यहां से गए लोगों में 180 संक्रमित मिले

    Apr 01, 2020, 03:31 PM IST
    नई दिल्ली. निजामुद्दीन की मरकज बिल्डिंग कोरोनावायरस का केंद्र बन गई है। यहां से बुधवार सुबह तक सभी 2000 से ज्यादा जमातियों को बाहर निकाल लिया गया है। इसके बाद सुबह परिसर को सैनिटाइज किया गया। यहां से निकले लोगों की तलाश में 22 से ज्यादा राज्यों में अभियान छेड़ा गया है। इनमें से कई लोगों को ट्रेस कर लिया गया है। हैरान करने वाली बात यह है कि मरकज से गए गए लोगों में से अब तक 180 कोरोना पॉजिटिव मिल चुके हैं। इनमें तमिलनाडु में 77, आंध्र प्रदेश 43, दिल्ली में 24, तेलंगाना में 21,अंडमान-निकोबार में 9, असम में 5 और कश्मीर में एक कोरोना संक्रमित  शामिल है। आशंका जताई जा रही है कि ये मामले और बढ़ सकते हैं।
    इस बीच केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि तब्लीगी जमात ने एक तालिबानी अपराध किया है। इस प्रकार की आपराधिक गतिविधियों के लिए माफ नहीं किया जा सकता। जमात ने कई लोगों की जान खतरे में डाली है। सरकार के निर्देशों को नहीं मानने वाले ऐसे संगठनों और लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। हो सकता है कि ऐसा जानबूझकर किया गया हो और यह दुर्भाग्यपूर्ण है। जो लोग लॉकडाउन का पालन नहीं कर रहे हैं उन्हें माफ नहीं किया जाना चाहिए। 
    22 राज्यों में संक्रमण का खतरा बढ़ा
    मरकज में 1 से 15 मार्च के बीच हुए कार्यक्रम में देश-विदेश के 5 हजार से ज्यादा लोग शामिल हुए थे। लेकिन, इसके बाद भी करीब 2000 से ज्यादा लोग यहां रुके रहे, जबकि ज्यादातर लॉकडाउन से पहले अपने घरों को लौट गए। यहां से संक्रमण का कनेक्शन दिल्ली समेत 22 राज्यों से जुड़ रहा है। इनमें तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, असम, उत्तरप्रदेश, तेलंगाना, पुडुचेरी, कर्नाटक, अंडमान निकोबार, आंध्रप्रदेश, श्रीनगर, दिल्ली, ओडिशा, प.बंगाल, हिमाचल, राजस्थान, गुजरात, मेघालय, मणिपुर, बिहार, केरल और छत्तीसगढ़ शामिल है।
    डिप्टी सीएम सिसोदिया ने बताया- 36 घंटे चला अभियान 
    निज़ामुद्दीन के आलमी मरकज़ में 36 घंटे का सघन अभियान चलाकर सुबह चार बजे पूरी बिल्डिंग को ख़ाली करा लिया गया है. इस इमारत में कुल 2361 लोग निकले. इसमें से 617 को hospitals में और बाक़ी को quarantine में भर्ती कराया गया है. 1/2
    4,093 लोग इस बारे में बात कर रहे
    सरकार की चिंता इसलिए बढ़ी हुई है कि मरकज से गए दो हजार से अधिक विदेशी जमाती देशभर में इधर-उधर घूम रहे हैं। गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को इन्हें ढूंढकर तुरंत देश से बाहर निकालने का आदेश दिया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, मरकज से गए संक्रमितों के संपर्क में 22 राज्यों के 16 शहरों में कम से कम 10 हजार लोग आए हैं। राज्यों को भी इन लोगों की सूची भेज दी गई है। मरकज में संक्रमण का खुलासा होने के बाद केंद्र ने देशभर के 10 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में कोरोना के 16 हॉटस्पॉट चिह्नित किए हैं। सोमवार तक ऐसे 10 हॉटस्पॉट थे। ये वे जगहें हैं, जहां संक्रमण का सामुदायिक फैलाव (कम्युनिटी ट्रांसमिशन) हो सकता है।
    मरकज में शामिल होने के लिए 2100 विदेशी पहुंचे थे
    • गृह मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि इस साल मरकज में शामिल होने के लिए 2100 विदेशी पहुंचे थे। इनमें इंडोनेशिया, मलेशिया, थाइलैंड, नेपाल, म्यांमार, बांग्लादेश, श्रीलंका और किर्गिस्तान के लोग शामिल हैं। आमतौर पर मरकज में पहुंचने वाले विदेशी निजामुद्दीन में बंगलेवाली मस्जिद में अपने पहुंचने की सूचना देते हैं। अब तक मरकज में शामिल होने वाले 2,137 लोगों की पहचान करके उनकी मेडिकल जांच की जा चुकी है। 1339 लोगों को नरेला, सुल्तानपुरी, बक्करवाला, झज्जर और एम्स में क्वारैंटाइन किया गया है। 303 में कोरोना के लक्षण थे, जिन्हें दिल्ली के अलग-अलग अस्पतालों में दाखिल कराया है।
    • गृह मंत्रालय ने बताया था कि 21 मार्च तक हजरत निजामुद्दीन मरकज में 1 हजार 746 लोग ठहरे हुए थे। इनमें 216 विदेशी और 1530 भारतीय थे। मरकज के अलावा देश के अलग-अलग हिस्सों में 824 विदेशी 21 मार्च तक तब्लीगी गतिविधियों में शामिल थे। राज्यों की पुलिस को देश के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद 824 विदेशियों की जानकारी दी गई थी, ताकि सभी की मेडिकल स्क्रीनिंग और क्वारैंटाइन के इंतजाम किए जा सकें। 28 मार्च को सभी राज्यों को भारतीय तब्लीगी जमात के लोगों की जानकारी इकठ्ठा करने की सलाह दी गई थी, ताकि उन्हें जांच के बाद क्वारैंटाइन किया जाए।

    आयोजकों पर एफआईआर 
    दिल्ली पुलिस ने लॉकडाउन का उल्लंघन करते हुए धार्मिक सम्मेलन आयोजित किए जाने पर आयोजनकर्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है और मरकज को सील कर दिया है। पुलिस ने वीडियो जारी कर बताया है कि हमने 23 मार्च को ही मरकज के वरिष्ठ लोगों को कार्यक्रम न करने की सलाह दी थी।

    कोरोना से देश में अब तक 52 मौतें / आज तीन की जान गई; इंदौर में 65 साल के व्यक्ति ने दम तोड़ा, उत्तर प्रदेश में दो मरीजों की मौत

    Apr 01, 2020, 03:06 PM IST
    नई दिल्ली. देश में कोरोनावायरस के चलते हालात बिगड़ते जा रहे हैं। संक्रमण से अब तक 52 मौतें हो चुकी हैं। बुधवार को कोरोना से तीन लोगों की जान गईं। उत्तर प्रदेश के मेरठ में कोरोना संक्रमित 72 साल के व्यक्ति ने दम तोड़ दिया। इससे पहले देर रात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती बस्ती के 25 साल के हसनैन की मौत हो गई थी। सांस में तकलीफ के चलते परिवार वालों ने उसे रविवार को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया था। बुधवार सुबह केजीएमयू से आई रिपोर्ट में युवक के कोरोना पीड़ित होने की पुष्टि हुई। उसे लीवर और किडनी की भी बीमारी थी। इंदौर में भी बुधवार को 65 साल के व्यक्ति ने दम तोड़ दिया। राज्य में संक्रमण से यह छठवीं मौत है। इंदौर में चार और उज्जैन में दो लोगों की जान जा चुकी है। इससे पहले, मंगलवार को देश में छह मौतें हुई थीं।
    उत्तर प्रदेश में बुधवार को जिस बुजुर्ग की मौत हुई, उसका 50 वर्षीय दामाद संक्रमित पाया गया था। मुंबई के अमरावती से मेरठ आए इस संक्रमित की पत्नी, 72 वर्षीय ससुर व दो साले समेत 11 लोगों में कोविड-19 का टेस्ट पॉजिटिव मिला था। सभी को मेरठ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। बुधवार को बुजुर्ग की हालत बिगड़ गई। जिसके बाद उसकी मौत हो गई। मृतक के दामाद की भी हालत नाजुक है। उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है। वहीं, चंडीगढ़ में मंगलवार को संक्रमण से मौत का पहला मामला सामने आया। यहां 65 साल के बुजुर्ग की मौत हो गई। वे पंजाब पुलिस से रिटायर हुए थे। उधर, केरल के तिरुवनंतपुरम में कोरोना पॉजिटिव 68 साल के व्यक्ति की मौत हो गई। मेडिकल कॉलेज के अफसर के मुताबिक, उसकी किडनी फेल हो चुकी थी। इनके अलावा, मध्यप्रदेश के इंदौर में एक महिला की मौत हुई।
    तीन मौतें पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र में हुईं
    उधर, पश्चिम बंगाल में एक और महाराष्ट्र में दो लोगों की जान गई। बंगाल के हावड़ा में 48 साल की महिला को कोरोना संक्रमण की वजह से अपनी जान गंवानी पड़ी। बताया जा रहा है कि उसे सांस लेने में दिक्कत थी। राज्य में कोरोना की वजह से यह तीसरी मौत है। इसी तरह, महाराष्ट्र के पालघर में 50 साल के एक व्यक्ति की मौत हुई। वह 28 मार्च से अस्पताल में भर्ती था। दूसरी मौत मुंबई के वर्ली इलाके में एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती 75 वर्षीय बुजुर्ग हुई है। बुजुर्ग की मौत सोमवार को हुई थी। उसे डायबिटीज और सांस लेने में दिक्कत थी। मृत होने के बाद उसकी कोरोना की जांच की गई और मंगलवार रात को उसमें कोरोना की पुष्टि हुई। फिलहाल उसके पूरे परिवार को आइसोलेशन में रखा गया है। वर्ली मुंबई का वह इलाका है जहां अब तक सबसे ज्यादा संक्रमण के सबसे ज्यादा 14 मामले सामने आए हैं। इसके साथ राज्य में मरने वालों का आंकड़ा 12 तक पहुंच गया है।